आरती सालासर बालाजी

आरती सालासर बालाजी

जय बजरंग बाला, स्वामी जय बजरंग बाला।

सालासर हनुमन्ता, कष्ट हरन वाला।।

राजस्थान चुरू में सालासर ग्रामा।

सि(पीठ यह पावन, शुभ शुचि सुखधामा।।

सालासर बालाजी, एहि भांति आये।

आसोटा में प्रगटे, भगत यहाँ लाये।।

अठारह सौ ग्यारह सम्वत्, शुभ श्रावण मासा।।

नवमी शुक्ल शनिवारा, पावन इतिहासा।।

विप्र भगत  मोहन ने, भूमि शुभ नापी।

पूजा वेद विधि से, कपि मूरति मन राजी।।

उदय कर दीनी पूजा, प्रीति बढ़ी साची।।

चूरमा, ध्वजा नारियल, भक्त लिये आते।

यश मन्दिर विस्तारा, जै-जैकार भाये।

धोक लगाये सब जन, वांछित फल पाये।।

जयति जय सालासर, जय हनुमत देवा।।

‘इन्द्रजीत’ यश गाये, सुफल करो सेवा।।