उत्सव आया है

उत्सव आया है

(तर्ज – आज हमारे दिल में अजब एक…. फि. हम आपके हैं कौन)

दोहा – उत्सव है बजरंग बली का, खूब सजा दरबार।

जब साल सवाई आता है, तब झूम उठे संसार।।

रोम-रोम में जिसके, श्री राम समाया है।

आज उसी बजरंग का, ये उत्सव आया है।।

देवों का भी जिसने रे साथ निभाया है।

पंचमुखी बजरंगी, ये ही कहलाया है। आज….

शोभा दरबार की, कितनी प्यारी लगे-2

जो भी निहारे हैं, उसकी किस्मत जगे।

विपदा सब कट जाती, मिले धन माया है-2।1। आज…

संकट हरण बाबा, भोले का अवतार है-2,

सालासर मेहंदीपुर इनका ही दरबार है।

आज अरज सुनने को हमारी आया है-2।2। आज…

ओ जिसकी रक्षा करे, वो जग में किससे डरे-2,

दुश्मन की तोड़े नली,  भक्तों के कष्ट हरे।

सब भक्तों का संकट, इसी ने मिटाया है-2।3। आज…

जो पाना हो भगवान को, याद कर लेना हनुमान को-2

बु(ि का दाता है ये दूर कर देगा अज्ञान को।

‘राजपाल’ हनुमत से, आराम की छाया है–2।4। आज…