गणेश वन्दना

गणेश वन्दना

(तर्ज – जीमो जीमो जी मदन गोपाल कर्मा बाई को…)

आज्या पार्वती के लाल, जोवां थारी बाटड़ली। टेरा।।

सबसे पहले मनावां मत ना देर करो महाराज।

रि(ि सि(ि ने ले साथ पधारो, म्हारे आंगण आज।।

साज लेकर बजाओ एक बार मत करो आँटड़ली,

आज्या पार्वती के लाल, जोवां थारी बाटड़ली।1।।

सूरत थारी लागै प्यारी, लम्बा लम्बा सूंड।

आगे पिछाड़ी करे रखवाली, मूषकों के घणे झुण्ड।

मूण्ड सब देवों से न्यारा कानों में बाली जड़री।

आज्या पार्वती के लाल, जोवां थारी बाटड़ली।2।।

सब देवों ने सागै ल्याके एक बे बणो मेहमान।

कृष्ण मुरारी मात भवानी अंजनी के हनुमान।

गान पान खान करो साथ मत करो आटड़ली।

आज्या पार्वती के लाल, जोवां थारी बाटड़ली।3।।

ॅफूलचन्द नित करे चन्द यो करे थारा विश्वास।

ढाणी का प्रकाश चन्द्राणी मार्ग दर्शक खास।

देगा ज्ञान का दीपक चास बणज्यागी बातड़ली।

आज्या पार्वती के लाल, जोवां थारी बाटड़ली।4।।