चालो दो जाँदी मन्दिर रे

चालो दो जाँदी मन्दिर रे

(तर्ज – चढ़ गया ऊपर रे अटरिया पे….)

चालो फतेहपुर रे, दो जाँटों बाला जी मंदिर रे।

भक्त घनेरे, मंत्र टेरे, बजरंग बजरंग रे।।टेरा।।

मुख्य सड़क पर बण्या है मंदिर,

द्वारे की रौनक देखी है सुन्दर,

आवाँ सुन्दर रे दो जाँटी बालाजी मंदिर रे।।1।। चालो…..

ऊँचे भवन पर छत्र विराजै,

हनुमन्ते की मूर्ति न्यू साजै,

लगावां सिन्दूर रे, दो जाँटी बालाजी मंदिर रे।।2।। चालो….

दो जाँटी जोड़े में शक्ति घनेरी,

देखी उठे करामात भलेरी,

होग्या मशहूर रे दो जाँटी बालाजी मंदिर रे।।3।। चालो…..

फूलचन्द ‘प्रेमी’ थारे शरणै आवे,

धरके ध्यान नित छन्द  बणावे,

गावे मधुर रे दो जाँटी बालाजी मंदिर रे।।4।। चालो…..