चालो सालासर चालो

चालो सालासर चालो

चालो सालासर चालो बाबे रे शरणे चालो

वो ही सारे लो मारा काम जी

ओ चालो चालो नी सालासर धाम जी

चालो सालासर चालो…..

बाबो भगत भावरो भूखो- चाले नी क्यूं शरमावे,

सांचे मन सू आवणेय ने बाबो पहली बतालावे-2

संकट हरसी वो थारो सुनकर ऊंचो जयकारो

हुंडी भर दे वो थारे नाम जी ओ चालो…..

जिनरी कोई बात सुने ना बाबों उनरी बात सुनें

सुन पुकार वो बेगो आवे-दिवस गिणे ना रात गिणे-2

वो है श्र(ा रो भूखों-सगला से है वो लूटो

राजी रखे है जिनसूं राम जी-ओ चालो…..

जंगल मंे मंगल कर दे वो कंकर ने कर दी मोती

कर दे  दूर अंधेरो दुखड़ों जगा दीन  सुखड़ी जोती-2

क्यूं तू मन को भटकावे-क्यूं नी शरणे तू जावें

वो ही सारे लो थारा काम जी-ओ चालो….