जय जय जय बजरंगी

जय जय जय बजरंगी

जय जय जय बजरंगी दाता, हर कोई तुमसे वर पाता

सबको सब कुछ देने वाले, श्रीराम के भक्त निराले

जय जय जय ………

सूना सूना मेरा आंगन, घर में दो किलकारी

पालने में इक लाल झुलाओ, सूरत देखें हम प्यारी

सूखी धरती पे हरियाली, तू ही चमन खिलाए हाँ ….

जय जय जय ………

बेटी का मैं ब्याह रचाऊं, पीले हाथ कराऊं

शहनाई के स्वर घर में गूंजे, अपना धर्म निभाऊं

तू ही डोली सजा कर के, बेटी विदा कराए हाँ ….

जय जय जय ………

कर्जे में मैं डूब गया हूँ, कैसे हटे उदासी

रात गुजरती दुःख में मेरी  दुनिया खून की प्यासी

‘शर्मा’ मेरी विपदा हर लो, रोकर हाथ फैलाएं, हाँ ….

जय जय जय ………