जय हनुमान तेरी

जय हनुमान तेरी

(तर्ज: म्हारी मंगेतर नथली वाली….)

मां अंजनी की गोद में खेले, वीर बली बलवान्

जय हनुमान तेरी।। टेर।।

चंद्रमा-सा चेहरा चमकै, अजब निराली शान,

जय हनुमान तेरी।।

पंडित ज्योतिषी बलतावे, सर्व शक्तिमान,

जय हनुमान तेरी।।

सुरज को मुख में ले लिया, अमृत फल सा जाण,

जय हनुमान तेरी।।

अंधकार से हो दुखियारा, देवां करते गान,

जय हनुमान तेरी।।

फूलचंद ना माया जाणी, कीर्ति बड़ी महान,

जय हनुमान तेरी।।

बाला का दरबार

(तर्ज:  मस्ती भरी रात है….फिल्म – मृत्युदाता)

पूनम की यह रात है, डरने की क्या बात है

जो चाहे वो मांग ले, बाला का दरबार है।

आजा आजा आरे-आरे आरे आ…..

बाला जी के द्वारे आके, दर्शन करोगे,

जो भी मन चाहा फल, पाके रहोगे,

जो भी मन चाहा फल पाके रहोगे,

निर्धन हो या धनवान, सुनते हैं सबकी बाला,

तू किस्मत को अपनी जगा, क्यों जीवन से होता खफा।

आजा आजा आरे-आरे आरे आ…..

अरे ज्योति अखंड यहां जलती रे जलती, जै बाला की,

सारे बोलो जै  बाला की….. बालाजी के…..

विराजे यहाँ कोतवाल, श्री प्रेतराज सरकार,

दुष्टों के पड़ती है मार, भक्तों को मिलता है प्यार।

आजा ………. बालाजी के द्वारे ……… पूनम की यह …..

आजा आजा आरे-आरे आरे आ…..