तालियाँ बजावो

तालियाँ बजावो

जान पर जो खेल गए, श्रीराम के लिए

तालियाँ बजावो हनुमान के लिए।

सात समुन्दर लांघ गए और गढ़ लंका में कूद गए,

माँ सीता का पता लागने खाना पीना भूल गए,

रूप भयंकर धरा बेईमान के लिए।

तालियाँ बजावो हनुमान के लिए।

ंसंजीवनी बूटी लानी थी पहाड़ उठाकर ले आए,

सच पूछो तो लक्ष्मणजी के प्राण बचाकर ले आए,

हद कर डाली भक्त ने, भगवान के लिए।

तालियाँ बजावो हनुमान के लिए।

जब भी याद करो वो देखो, श्रीराम को याद करें,

बात अगर वो करे किसी की, श्रीराम की बात करे,

दिल में ना जगह है अभिमान के लिए।

तालियाँ बजावो हनुमान के लिए।

राम नाम की चादर ओढ़े, राम नाम की माला है,

‘बनवारी’ पर भर भी उनको, नहीं भूलने वाला है

सारा जीवन रखा गुणगान के लिए।

तालियाँ बजावो हनुमान के लिए।