ध्यान धरूँ हर वक्त

ध्यान धरूँ हर वक्त

(तर्ज – तू चीज बड़ी है मस्त मस्त…..)

तेरा ध्यान धरूँ हर वक्त-2

अंजना माँ का लाल ला, सन्तों को कर दे निहाल निहाल

झोली लेके दर पे आया, बणग्या बना भक्त भक्त।। तेरा …

लघुमति का बालक दुखियारा।

दर्शन देके करदे पौ बारा।।

द्वारे आता दौड़ दौड़, मोह माया को छोड़ छोड़

दीन हीन भगतों की निस दिन रखो चौकसी सख्त सख्त।।1।। तेरा …….

जग में अकेला कोई ना संगी।

दे दे शरणां  वीर बजरंगी।।

देख रहा हूँ घूर-घूर, क्यों कर जावे दूर-दूर,

दया, धर्म, संतोष, धारता, सिर पर धरते हस्त हस्त।।1।। तेरा …….

मन अपराधी उठता नाही।

ज्ञान भण्डारी बणो सहाई।।

ऐसा दो वरदान दान, पाऊँ नित आदर मान मान,

थारे चरणों टैम बिताऊँ, न्यौछावर है रक्त रक्त।।1।। तेरा …….

नहीं मांगता सोना चाँदी।

मिटज्या तन की सारी ब्याधी।।

फूलचन्द कहै बार-बार, दे ब्रह्मज्ञान का सार सार,

साँझ सवेरे माला फेरूँ, मेहर करो हनुमन्त मन्त।।4।। तेरा …….