नाम रटले

नाम रटले

(तर्ज – इक चुम्मा मुझको उधार दई दे.. फि.-छोटे सरकार)

सालासर वाले को तू नाम रटले…..

राम प्यारे को, दिल पे तू नाम लिखले…

बाबा म्हाने भी थोड़ो सो प्यार दई दे-2

थारे चरणां में, थोड़ी जगह दई दे-2

सालासर वाले पे वारी म्हे जावां,

चरणां थारे म्हं झुकावां….. शीश झुकावां,

म्हारे मनड़े से थारो ही नाम निकले,

थारे भक्तां में म्हारो भी नाम लिखले….. नाम निकले

गर न मिलोगे बाबा थारो सहारो,

जावेगो फेर कठे भक्तयो थारो-2

थारे भक्तां के सिर पर तू हाथ धर दे-2

म्हारी नैया न बाबा तू पार कर दे-2

ना सोना चाँदी ना जागीर मांगी

दर्शन के थारी म्हे तकदीर मांगी-2

थारे भक्तां पे यो उपकार कर दे-2

बाबा म्हारी या अर्जी स्वीकार कर ले,

समझो न बाबा थे म्हाने पराया,

भक्त हां थारा म्हे शरणे हां आया-2

थारे हाथां में सेवक को हाथ लइले-2

थारी सेवा में-2 जीवन सौ बार लइले-2

माता सिया की खबरिया थे ल्याया,

लाके संजीवन लखन ने जिवाया-2

प्रभु भक्तां पे थोड़ी नजर कर ले,

दास थारा हांथोड़ी म्हर कर दे-2