बजरंग बली, मेरी नाव चली

बजरंग बली, मेरी नाव चली

संकट मोचन दुःख हरण, पवन पुत्र हनुमान।

महावीर मम विनय सुन, कष्टहू निवारो आन।।

बजरंग बली मेरी नाव चली, मेरी नाव को पार लगा देना।

मुझे मोह माया ने घेरि लिया, संताप हृदय का मिटा देना।

मैं दास तो आपका जन्म से हूँ, बालक और शिष्य भी धर्म से हूँ,

निर्लज्ज विमुख निज कर्म से हूं,  चित्त से मेरा दोष मिटा देना…

बजरंग बली……..

दुर्बल गरीब और दीन हूं मैं, निज कर्म क्रिया रात क्षीण हूं मैं,

बलवीर तेरे आधीन हूं, मेरी बिगड़ी बात बना देना।।

बजरंग बली……..

बल देेके मुझे निर्भय कर दो, यश शक्ति मेरी अक्षय कर दो,

मेरा जीवन अमृतमय कर दो, संजीवन मुझे पिला देना।।

बजरंग बली……..

करुणानिधि नाम तो आपका है, शरणागत दास तो आपका है,

छोटा सा है यह काम मेरा, श्रीराम से मोहे मिला देना।।

बजरंग बली……..