बालाजी की महिमा

बालाजी की महिमा

(तर्ज – धरती धोरां री…..)

वीर बड़ा बलकारी, आजीवन ब्रह्मचारी।

अंजना माता थारी, प्यारे बालाजी।। टेरा।।

दुनियां गाथा गावे, द्धषि लोग मनावे।

सन्तों के मन भावे, प्यारे बालाजी।।1।। वीर बड़ा…..

निर्धन निर्बल सारे, निस दिन टेर उचारे।।

तुम आकर पुचकारे, प्यारे बालाजी।।2।। वीर बड़ा…..

जिसके पुत्र नाहीं, उनकी सुणाई।

दरपे बँटे मिठाई, प्यारे बालाजी।।3।। वीर बड़ा…..

माया अपरम्पार, दर्शन द्यो एक बारा।।

फूलचन्द तुम्हारा, प्यारे बालाजी।।4।। वीर बड़ा…..