मनाये राम दीवाने

मनाये राम दीवाने

(तर्ज – हम तो तेरे आशिक हैं सदियों….. फि.-फर्ज)

लेके निसान आये तुमको मनाने-2 राम दीवाने-2

मेरे पूनम को तेरे भरते हैं दर्शन करते हैं,

जय-जय करते हैं भक्त तुम्हारे।। लेके….. ।।टेर।।

सारी विपदायें बाला हरते हैं।

झोली भरते हैं, जो भी आते हैं, द्वार तुम्हारे,

हम भी यहां आये बाला, बिगड़ी बनाने-2 राम दीवाने..।।1।।

बाला मेरा बड़ा मतवाला है, सालासर वाला है

अंजनी लाला है, बजरंग बाला,

गदाधारी सबका रखवाला है, सालासर वाला है,

मेहंदीपुर वाला है, बजरंग बाला।

हम तो चले आये बाला, तुझको रिझाने रिझाने-2

राम दीवाने…।2।।

बाला तेरी ममता के तू प्याले, हमको पिलायेजा,

मस्त बनाये जा, राम के सेवक,

नाम भज राम का तू गायेजा, और मनाये जा।

लीला गाये जा, बनके सेवक।

आगे पड़ेगा तुझे कष्ट उठाने-2 राम दीवाने…।।3।।