मन से एक नाम जपें

मन से एक नाम जपें

सुबह जपें, शाम जपें, राम राम राम जपें

मन से एक नाम जपें, बजरंग बली जी हमारे

जीवन प्रभु के सहारे

शंकर के अवतारी, राम छवि मन में है प्यारी

इक दूजे को डालें माला, पीते हैं भक्ति का प्याला

भोले कहो, राम कहो, दूत कहो मित्र कहो,

कारज प्रभु के संवारे, बजरंग बली जी हमारे

सुबह जपें……

लक्ष्मण को मूर्छा जो आई, सबने करी त्राहि त्राहि

पर्वत लिया था उठाये, बूटी संजीवन ले आये

प्राण बचें लक्ष्मण उठे, गले मिले, साथ चले

रघुवर की आँखों के तारे, बजरंग बली जी हमारे

सुबह जपें……

राम नाम पत्थर पे लिखके, गहरा समुन्दर उतर के

लंका पे कीनी चढ़ाई, रावण से की फिर लड़ाई

पापी डरा, देखो, मरा, उजड़ गया बाग हरा

शर्मा भी बोले जयकारे…. बजरंग बली जी हमारे

सुबह जपें……