मेरी कुटिया के भाग

मेरी कुटिया के भाग

मेरी कुटिया के भाग आज जाग जायेंगे

मेरी कुटिया के भाग आज जाग जाएंगे

राम आएंगे हनुमत आएंगे …….

राम आएंगे तो चरण पखारूँगा

जी भर के मैं राम का निहारूंगा

मेरे जन्मों के पाप आज कट जाएंगे

राम आएंगे …………

राम आएंगे तो भाग मैं लगाऊंगा

अपने हाथों से उनको खिलाऊंगा

मेरे संकट के  बादल छंट जाएंगे,

राम आएंगे …………

अपने स्वामी को दिल में बिठाएंगे

नैना छुप-छुपके हम तो मिलाएंगे

तेरी भोली सूरतिया पे मिट जाएंगे

राम आएंगे …………