राम नाम के हीरे मोती

राम नाम के हीरे मोती

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊं गली-गली

लूट लो जिसका जी चाहे, शोर मचाऊं गली-गली

जिस जिसने ये हीरे लूटे वो तो मालामाल हुए

धन दौलत के जो बने दीवाने वो एक दिन कंगाल हुए

राम और हनुमान के इतिहास सुनाऊं गली-गली

लूट लो ………..

दौलत के दीवानों सुन लो एक दिन ऐसा आएगा

धन यौवन और रूप खजाना यहीं धरा रह जाएगा

सुन्दर काया माटी होगी, चर्चा होगी गली-गली

लूट लो ………..

जिनको अपना कहकर बंदे तू इतना इतराता है

छोडेंगे ये सब विपत्ति में कोई साथ न जाता है

दो दिन का यह चमन खिला है मुरझाएगी कली-कली

लूट लो ………..

झूठे धंधे छोड़ दे बंदे जय ले हरि के नाम को

क्यों करता है तेरी मेरी छोड़ दे झूठे काम को

तुझे समय यह फिर न मिलेगा पछताएगा घड़ी-घड़ी

लूट लो जिसका जी चाहे, शोर मचाऊं गली-गली