लूट ल्यो थे लूट ल्यो

लूट ल्यो थे लूट ल्यो

लूट ल्यो ते लूट ल्यो भई राम नाम की लूट,

हनुमान जी लुटा रहूया है दे दी सबने लूट,

जो दिल से बोलोगे, प्रेम से बोलेगे,

आज बजरंग बली जी किस्मत खोलंेगे।

राम नाम का लाडू बंट रह्या लेज्या झोली भर-भर के,

राम नाम की गंगा बह रही आज नहाले मल-मल के।।

लूट ल्यो…..

राम नाम मिश्री से मीठो जीतनो ज्यादा पीवोगे,

काया कंचन हो ज्यावेगी, तुम मस्ती में जीवोगे।

लूट ल्यो…..

जितनो मा कमायो जग में, अठे धर्यो रह जावेगी,

राम नाम अनमोल खजानो, तेरे संग में जावेगा।।

लूट ल्यो…..

उल्टो जप ले सीधे जप ले ‘बनवारी’ होसी कल्याण,

श्री राम जी कृपा करसी सहाय करे तेरी हनुमान।

लूट ल्यो…..