सालासर के बाला

सालासर के बाला

(तर्ज- माईन माईन मुण्डेर के तेरे….)

दोहा – बजरंग बली तेरे दर पे आये, सुनले सबकी पुकार आज।

दीन दुःखी हूं भक्त तेरा मैं रख लो मेरी लाज आज।।

बाला रे बाला बजरंब बाला मां अंजनी के लाला।

सालासर में आन विराजे जपे राम की माला।।

जय श्री राम राम राम-राम।। टेर।।

सुबह-सुबह सूरज की किरणें डारें तुझपे धूप।

निखरा निखरा लगता मेरे बाला तेरा रूप।

दूर-दूर से जो आकर तेरे दर्शन पाता।।

सालासर में …..।।1।।

कोई मांगे हीरा मोती, कोई गोद में लाला।

सबकी इच्छा पूरी करना मेरे बजरंग बाला।।

भर देता भंडार तू उनकी नैया पार लगाता।।

सालासर में …..।।2।।

तुझसे आशा लेकर बजरंग भक्त तेरे दर आये।

तेरे दर पै बैठे बाला तेरे बस गुण गाये।।

‘मनोज’ भी  तेरे गुण गाकर तेरे दर्शन पाता।।

सालासर में …..।।3।।