सुण लेसी बालाजी

सुण लेसी बालाजी

(तर्ज-परदेशी जाना नहीं… फि.-राजा हिन्दुस्तानी)

शेर – तेरा नाम हूँ रटत, जरा ध्यान तुम धरना।

भक्तों का अपने, उ(ार तुम करना।।

सुण लेसी, सुण लेसी बाला जी….. 2 विनती मेरी-2

ओ…  अंजनी मां के लाला, देर ना करना,

मेरे सारे संकट तुम पल में हरना।।टेर।।सुम लेसी…

पूनम को बाबा के मेले आते हैं,

भक्त तेरे पैदल चलके आते हैं-2

सारे कष्टों को वो भूल आते हैं,

बाबा तेरा नाम रटते जाते हैं।।1।। ओ…..

भूल न जाना ऽऽ-भूल न जाना-1 ओ हनुमान….

सच कहते हैं संत ज्ञानी राम सुमर,

हंसने-हंसने कट जायेगा तेरा सफर-2

बहुत कठिन है जीवन पथ की ये डगर,

मनवा मेरे तू तो बस राम सुमर।।2।। ओ…..

राम भक्त हनुमान का तू सुमिरत कर,

अम्बर के तारों से झोली देगा भर-2

क्यों चोला सदाचार का लिया दागों से भर,

जिसने ये जीवन दिया, उससे तू डर।।3।। ओ…..

भूल न जाना ऽऽ-भूल न जाना-2 ओ हनुमान….

घट-घट की है जानता अंजनी का लाल,

चरण शरण में जो आये, हो पूरे सवाल-2

नैना अभिरामा मूरति इसकी हृदय विशाल,

अरजी सबकी सुनता है दीन दयाल।।4।। ओ…..