हनुमत लोट आया

हनुमत लोट आया

(तर्ज- मेरा पिया घर आया… फि. याराना)

दोहा – हाहाकार मचा सेना में, और रामचन्द्र थे घबराये।

जै जैकार हुई जब हनुमत, पर्वत ही ले आये।।

खुशहाली सारे मनाओ जी, देखो हनुमत  लौट आया-3

हो राम जी…. देखो हनुमत लौट आया….

हनुमत लौट आया, बिछुड़े भाई को मिलाया-3

किया इसने अद्भुत काम जी, देखो पर्वत ही ले आया, हो राम जी….

देवों ने घड़ियाल बजाये-2

नभ मंडल से फूल बरसाये-2

ऐ सबने जै जैकार लगाई-2

ये है अतुलित बल का धाम जी, पर्वत ही ले आया….

देखो देखो हनुमत लोट आया….।।1।।

घड़ी-घड़ी प्रभु के काम आया-2

सीता जी का पता लगाया-2

ऐ रावण की लंका को जलाया-2

ये तो इनका है काम जी, देखो पर्वत ही ले आया….

देखो देखो हनुमत लोट आया….।।2।।

मां अंजनी की आंख का तारा-2

श्री राम का सेवक प्यारा-2

इनको जपता है जग सारा-2

बजरंग जिनका नाम जी, देखो पर्वत ही ले आया….

देखो देखो हनुमत लोट आया….।।3।।